दोस्तो आज से मैं आपको मेरी खुद की लिखी नावेल "इश्क़ का रूहानी सफर " के भाग एपिसोड्स में लिखूंगा और साथ ही साथ इसका वीडियो भी आप के साथ शेयर करूँगा जो कि आपको Philosophy of life कांसेप्ट समझने में मदद मिलेगी तो पेश है इसका पहला एपिसोड। Episode 1 हर शाम जब यह सूरज धीरे धीरे डूबता है... तो ऐसा लगता है मानो जिंदगी का एक और अध्याय डूब सा गया है...! तुम जानती हो, में हर शाम अपनी बॉलकोनी में बैठ के इस डूबते हुऐ सूरज को देखता रहता हूँ।ताकि में ज़िन्दगी को थोड़ा और करीब से देख सकु! ओर साथ ही साथ यह महसुस कर सकूं की यह जहां नश्वर है! जिसको एक रोज इस थैके हारे सूरज की तरह डूब जाना है! हाहा! अब तुम यह कहोगी की आजकल मै कुछ Philosophical /(दर्शनिक ) बाते ज्यादा ही करने लग गया हूँ! हाँ मुझे भी यही लगता है, जब से तुम ने मुझे ज़िन्दगी की हक़ीक़त से रूबरू करवाया है , तब से मैं कुछ दार्शनिक कुछ शायरीमय सा हो गया हूँ! तुम्हरा यू अचानक से बिना बताये चले ज...
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