सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

Ishq kaa Ruhaani safar-Ek love story  Episode-5 उस दिन सुबह से ही झिलमिल बारिश हो  हो रही थी , मैं सुबह तैयार होकर अपने पूरे दोस्तों के काफ़िले से अलग ही निकल पड़ा उसी जगह जहां मैने उस लड़की को देखा था! जिस ने मेरी रातो की नींद और दिन का चैन छीन रखा था। में पूरे दिन देवदार ओर चीड़ के पौधों को गुरता रहा। और आने जाने वालों को उम्मीद भारी निगाहो से देखता रहा पर जिसका का मुझे इतंज़ार था वो नही आयी! मै मन ही मन अपने आप को कोसने लगा ! बेटा देव पहली बार कोई लड़की तुझे पसंद और अब वो ही गायब हो गई! वाह! क्या किस्मत पायी हैं तूने! तभी किसी ने मेरे कंधे पर जोर से हाथ दे मारा! कहा गुम हो देव साब?? समीर ने तंज कसते हुए कहा , न नही कही भी तो नही बस यूं ही टहल रहा हूं! मैने थोड़ा असहज होते हुए कहा! चल चलते है Sunset point ! समीर ने मुझे खींचते हुए कहा! मेरा मन तो नही था लेकिन फिर भी ना जाने क्यों में समीर के साथ निकल पड़ा! कसौली की हरियाली शाम के समय मे और ज्यादा खिली हुई सी लग रही थी, हम दोनों पैदल ही निकल पड़े sunset point कसौली की खूबसूरत पहाडो की गोद व में बसा sunset point...

Ishq kaa Ruhaani safar ek love story Episode 4

Ishq kaa Ruhaani safar ek love story Ishq kaa Ruhaani safar ek love story Episode 4 Story Continue from Episode 3 , now Episode 4 उस शाम मैं पूरी रात करवटे बदलता रहा,  मेरे दिल और दिमाग अजीब सी कसमकस में थे!  मन मे उठ रहे सवालो का बवण्डर थमने का नाम ही नही ले रहा था...! आखिरकार मैं पलंग से उठा और अपनी हैंड वॉच की ओर देखा तो ,घड़ी की सुईया रात की 2 बजने की ओर दौड़ रही थी!  मुझे यह रात आज कुछ लंबी लगने लगी थी और, मुझे अब बेसब्री से सुबह होना का इंतजार था.. मै किसी भी तरह आंखे बंद कर के सो गया!  सुबह एक मोटी आवाज़ ने मेरे कानों में कोलाहल मचा रखा था! जब मैने अलसाई आधी खुली आंखों को जबरदस्ती खोल के देखा तो  समीर हाथ मे पानी का जग लिये मेरे ऊपर डालने की धमकी दे रहा था!   मैने आँखे मलते हुऐ घडी की तरफ देखा  सुबह के 7 बजकर 9 मिनेट होने को थे! मैने समीर के ऊपर खीजते हुऐ कहा था कब से पानी डाल दूंगा पानी डाल दूंगा की धमकी दे रहा है अच्छा होता पानी डाल दिया होता तो थोड़ा जल्दी उठ जाता ! मैं रजाई फेंक के उठ खड़ा हुआ, समीर मुझे संदहे भारी...

भैसाद माता मंदिर खेरजला जोधपुर राजस्थान

Philosophical world travel diary project presentation..                        भैसाद माता मंदिर  खेजडला, राजस्थान                            मंदिर प्रवेश द्वार भैसाद माता का मंदिर जोधपुर राजस्थान के खेरजला गांव में स्थित है कहा जाता है माँ भैसाद माता सत्रह सौ वर्ष पूर्व हर्षवर्धन के काल में भैंसे पर सवार होकर  गुफा के रास्ते यहां खेजड़ला की पहाड़ी पर पहुंची थी                             द्वार द्र्श्य नवरात्र के नौ दिनों तक यहां मेले सा माहौल बना रहता है। । भैसाद माता के यहां आने के रास्ते वाली गुफा आज भी श्रद्धालुओं के लिए कौतूहल का विषय है। बताया जाता है कि इस गुफा का एक सिरा बिलाड़ा सरहद में स्थित डिंगड़ी माता मन्दिर पर निकलता है                मुख्ये मंदिर में जाने हेतु पौड़ीया तथा दूसरा सिरा...
इश्क़ का रूहानी सफ़र एपिसोड ,3 'Ishq kaa Ruhaani safar-ek love story' Episode 3 तुम से मेरी पहली मुलाकात मैं भला कैसे भूल सकता हूँ आज भी मेरे जहन में हमारी वो पहली मुलाकात ज्यो के त्यों ताजा है!  जब मैने तुम को पहली बार देखा तो तुम्हे देखकर मेरा दिल धक से रुक सा गया, कसौली में December की गुलाबी सर्दियों थी,  जब मेने तुम्हे पहली बार देखा था, और मै एकटक बिना पलकें जपकाये तुम्हें देखता ही गया,यह रुई सी बर्फ की बौछारे,मुझे किसी गुलों की बारिश सी लग रही थी और ऐसा लगा मानो मैं किसी अलग ही दुनियां में आ गया हूँ! ये बर्फ की चादरे ओड के खड़े देवदार और चीड़ के पौधे मानो मुझे चिड़ा रहे हो,! और तुम मुझे एकदम किसी जन्नत की परी सी लग रही थी गुटनो तक फैला लंबा लीबाद! कंधो पर बिखरे खुले रश्मी बाल सिर पर ऊन की काली टोपी तुम्हे ऒर भी खूबसूरत बना रहा था!   तुम्हारी लंबी भौहे और खूबसूरत नीली आँखे और जब तुम हँसती तो बर्फ से सुर्ख हुऐ तुम्हारे लालगुलाबी गाल  उस बर्फ़ीली शाम की  खूबसूरती में चार चाँद लगा जाते! सच्च पुछो तो मुझे तुम्हारी खूबसूरती के आगे यह हिमाचल  ...

Ishq kaa Ruhaani safar episode 2 , इश्क़ का रूहानी सफर एपिसोड 2

इश्क़ का रूहानी सफर एपिसोड 2 हर शाम डायरी के यू पन्ने भरना अब तो मेरा शग़ल बन गया है कहते है ना, diary is the best friend of Isolated people! यह मुझे पर बिल्कुल सही चरितार्थ होता है!  कभी मै कहता था कि कि जज्बातों का हाल ऐ बयां करने के लिये कोई हमसफर होना चाहिये, लेकिन अब मै ही कहता हूँ हमसफर नही बस कोई माध्यम होना चाहिए ताक़ि हम अपने जज्बातों को बयां कर सके! चाह वो डायरी ही क्यों ना हो किसी रोज उसने मुझे पुछा था क्या तुम डायरी लिखतें हो ?,मैने हँसते हुए कहा,था की डायरी क्या लिखना हमारी ज़िन्दगी के लम्हे इतने भी छोटे नही होने चाहिए कि चंद कागज के पन्नो में सिमट जाये! लेकिन मैं और मेरी तन्हाई ने ज़िंदगी के उसूल बदल दिये! तुम्हारे चले जाने के बाद, कई बार मैं अपनी डायरी से सवाल करता हूँ कि  कुछ लोग हमारे ज़िंदगी मे आते ही क्यों है और आते है तो फिर चले क्यो जाते है ? लेकिन यह डायरी सब कुछ सुन लेती है बड़ी खामोसी से पर पलट कर कोई जबाब नही देती ,ना जाने कितने ही राज दफन कर रखे है इसने अपने सीने में! मेरी तरह! लेकिन अब से मैने तय किया है कि मेरे सीने में उठ रहा जज्बातों ...

इश्क़ का रूहानी सफर -एपिसोड 1, Ishq kaa Ruhaani safar Episode 1

दोस्तो आज से मैं आपको मेरी खुद की लिखी नावेल "इश्क़ का रूहानी सफर " के भाग एपिसोड्स में  लिखूंगा और साथ ही साथ इसका वीडियो भी आप के साथ शेयर करूँगा जो कि आपको Philosophy of life कांसेप्ट समझने में मदद मिलेगी तो पेश है इसका पहला एपिसोड।                                   Episode 1 हर शाम जब यह सूरज धीरे धीरे डूबता है... तो ऐसा लगता है मानो जिंदगी का एक और अध्याय डूब सा गया है...! तुम जानती हो,  में हर शाम  अपनी बॉलकोनी में बैठ के इस डूबते हुऐ सूरज को देखता रहता हूँ।ताकि में ज़िन्दगी को थोड़ा और करीब से देख सकु! ओर साथ ही साथ यह महसुस कर सकूं की यह जहां नश्वर है! जिसको एक रोज इस थैके हारे सूरज की तरह डूब जाना है! हाहा! अब तुम यह कहोगी की आजकल मै कुछ Philosophical /(दर्शनिक ) बाते ज्यादा ही करने लग गया हूँ! हाँ मुझे भी यही लगता है, जब से तुम ने मुझे ज़िन्दगी की हक़ीक़त से रूबरू करवाया है , तब से मैं कुछ दार्शनिक कुछ शायरीमय सा हो गया हूँ! तुम्हरा यू अचानक से बिना बताये चले ज...

Philoshopy of Life! Part 1

दोस्तो स्वागत है आपका मेरे ब्लॉग में,दोस्तो आज में आपको बताऊंगा की एक positive life के टिप्स और इसी तरह के Philoshopical विचार जानने के लिये विजिट करते रहे मेरा ब्लॉग पेज  और मुझसे जुड़े यूट्यूब से मेरा यूट्यूब चैनल है "philoshopical world" आप इस चैनल को यूट्यूब पर सर्च करे  https://www.youtube.com/channel/UCPYYW3Hd3pTt4JnoPUCrElA   और suscribe जरूर करे दोस्तो ज़िंदगी से अनमोल गिफ़्ट कुछ नही हो सकता, अगर ज़िन्दगी खुशनुमा और हैल्थी हो तो क्या कहने ! यह तो सोने में सुहागा है। इंसान परमात्मा की सबसे प्यारी रचना है , यह सबसे अक्लमंद ,सुंदर रचना है परमात्मा की! लेकिन आज की इस भागदौड़ की ज़िंदगी मे ऐसा लगता है मानो सब कुछ रटा रटाया सा हो रहा है और ज़िन्दगी इतनी रफ्तार से भाग रही है कि हमे अपने आप के वजूद का अहसास तक नही हो रहा, हम तो बस किसी मशीन की तरह काम किये जा रहे है दिन रात ! क्या यही ज़िन्दगी है ?? नही बिल्कुल नही ! जीवन मे सबसे ज्यादा जरूरी है, ज़िंदा हो तो ज़िंदा होने का अहसास होना, तब ही आप ज़िंदगी के गणित को समझ सकते हो ,अन्यथा यह जीवन आपको बेकार ही लगेगा जिसके जिम्...

आरक्षण का आधार क्या है ?

भारत जैसे विशाल देश में लोकतंत्र का महत्व बहुत ज्यादा है ,यह कहना अतिशयोक्ति नही होगा कि भारत की पहचान वर्तमान समय मे दुनियां का सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में होती हैं लोकतं...

नैतिकता वाला तमाचा!

हमारे भारत देश में एक संस्कृत का श्लोक बहुत बोला जाता है। 'यत्र नार्यस्तु पूज्यंते रमन्ते तत्र देवता' अर्थात जहाँ नारी को देवी का दर्जा मिलता है या नारी को देवी के समान माना जाता है वहा देवता निवास करते है। जब भी हमारे देश में नारी के मानसमान से जुड़ी कोई अप्रिय घटना होती है तो ,हमारे देश की जानी-मानी हस्तियाँ अपने अपने बयान देती है उस पर दुःख प्रकट करना नही भूलती हैं! लेकिन कल फिल्म डायरेक्टर संजयलीला भंसाली को कुछ करनी सैनिको ने नैतिकता का पाठ पढ़ाने के लिए एक थप्पड क्या मार दिया पुरा बॉलीवुड ही " अति दुःखद घटना" अति दुःखद घटना का रोना रो रहा है। यह वही बॉलीवुड जो नारी अस्मिता का हितैसी होने का दिखावा करता है वो ही बॉलीवुड आज चित्तौड़ की रानी पद्मिनी जो इतिहास में अमर और राजपुतो के साथ साथ हिंदुओ के लिए एक आदर्श है। हमने उन्हें देवी के समान दर्जा दिया है।उनके त्याग और बलिदान को देखते हुए  आज उनके इतिहास को भंसाली तोड़ मरोड़ कर , सच्च को झूठ बना कर जनता के सामने रखने जा रहा था इसका विरोध हर सभ्य समाज करेगा ही । ऐसा ही करनी सैनिको ने किया तो इसमें बुरा क्या किया ?? आखिर...

मैं हिंदी हूँ!

जितनी विशाल उन्नत और गौरवशाली हमारी संस्कृती है, उतना ही उन्नत हमारा हिंदी साहित्य हैं! अगर ऐसा कहा जाये की दुनियां कि सबसे खुबसूरत भाषा हिंदी हैं,तो इसमें कोई अतिशयोक्ति नही होगी ! नि:संदहे हैं भी। एक भाषा की खुबसूरत का पता उसके काव्ये साहित्य से चलता हैं, कविता अपने आप में भाषा की खुबसूरती को बयां करती है! कविता भाषा की जान होती है! हिंदी का उद्भव तो संस्कृत से हुआ ,परंतु हिंदी कविता का उद्भव तो कई native / रोजमर्रा की जिंदगी में बोले जाने वाली भाषाओं को मिला कर हुआ उदहारण के लिये उर्दू, ब्रज,राजस्थानी,भोजपुरी इत्यादी! इस कारण हिंदी कविता की खुबसूरती में चारचांद लग गए! हिंदी कविता की सबसे शानदार बात तो ये है कि हिंदी कविता में जितने इमोशन्स है उतने किसी और भाषा में नही होंगे! हिंदी कविता व्यक्ति के आन्तरिक भावो को बेखूबी उजागर करती हैं! इसमें हास्ये है, इसमें कृदन है,इसमें जोश है, और हर प्रकार की मानविय भावो को बेखूबी प्रकट करने की समता है! इसके बहुत सारे उदारण हमारे सामने है। कबीर,रसखान,जायसी,दादू,मीरा,बच्चन,निराला और भी बहुत....! मै इस बात को बड़े अदब और शान से मानता हूं कि मे...

उपभोक्तावाद , (Marketing and our daily life! )

कहते है ना एक बच्चा वही करता है। वही सिखता है जो वो रोज देखता है सुनता है! हमारे आज के आधुनिक जीवन के हर क्षत्र में मर्कीटिंग का बहुत बड़ा असर है! सुबह से शाम तक हम मार्कटिंग के सा...

हमारी सभ्यता और आधुनिक विज्ञान (Our civilization and modern science)

हमारा भारत देश प्राचीन काल से ही अपनी महान सभ्यता और अपनी वभैवशाली संस्कृति के कारण दुनियां भर में विश्वगुरु के रूप में जाना जाता रहा है.. इस भारत भूमि ने दुनिया को योग,तप, जप ...

हम हिंदुस्तानी (We Indians)

अगर किसी हिन्दुस्तानी को कहा जाये की  दुनियां का सबसे बेकार और uncivilized गवार देश की सूची बनाये ! तो वो सबसे पहले पाकिस्तान का नाम लिखेगा सिर्फ हिन्दुस्तानी ही क्यों.. दुनियां का को...

ये कहां आ गये हम ?

आज हम अपने आप को बड़े शान से आधुनिक कहते है ! और साथ ही दुनिया में सबसे बुद्धिमान जीव होने का दावा बड़े अदब के साथ करते है , क्या  सिर्फ technolog  का होने को आधुनिक कहा जा सकता है ???  बिल्कुल नही !  आधुनिकता का मतलब all-over development से है,  तकनीक के साथ -साथ जहनी तोर पर भी सक्षम होना आधुनिकता है ! क्या आज के समय में हम जहनी तौर पर आधुनिक है ? मुझे तो ऐसा कही नही देखता ! जिस प्रकार सदियो पहले मानव एक आदमखोर था । इंसानो को मार के खा जाता था अपना पेट भरने के लिए। आज 21वी शदी में भी वही तो हो रहा है ! इसमें क्या बदलाव आया हैं?? बस बदलाव इतना सा आया है की पहले वो अपना शिकार पत्थर से बने औजार से करता था, आज बंदूक से करता है ! अलग अलग धर्म अलग अलग  समुदाय के नाम पर दुनिया मे नरसहार होता है रहता है आख़िर हम कहा आ गये ? क्या यही आधुनिकता है ???  अरे जब हम एक इंसान होकर एक अन्य इंसान को इंसान नही समझते तो कहा के आधुनिक ? अगर ये आधुनिकता है तो, हमे नही चहिए एसी आधुनिकता ! हमारे अंदर कूट कूट कर कट्टरता भरी पड़ी है जाती धर्म के नाम पर और मजे की बात तो यह है ,...

बापू

आज ही के दिन भारत में दुनिया के एक महान फ़क़ीर का जन्म हुआ  जिन्हे दुनिया बड़े प्यार से महात्मा बुलाती है। जी हां मैं बात कर रहा हु मोहन दाश कर्मचंद गाँधी की । जिन्होंने दुनियाभर में शाति सत्य भाईचारा और अहिँसा का सन्देश दिया  इस इस मरने मारने के युग में अगर कोई शान्ति सत्य अहिंशा की बाते कर तो जरूर हांस्यस्पद ही लगेगी! बापू इस बात को बहुत अच्छी तरह से जानते थे । फिर भी बापू अपने सिद्धान्त पर अड़े रहे और दुनिया को देखा दिया के सत्य और अहिंसा की बाते कपोल कल्पना नही है इनको अपने वास्तिवक जीवन में उतरा जा सकता है इसका उदारण हम बापू के जीवन से ले सकते है बापू जीवन भर दो कपड़ो में रहे  , जीवन भर ग़रीबो और निःशक्त जानो के साथ रहे  बापू को कभी राजनीतिक मोह नही रहा । उस समय बापू  चाहेते तो देश के प्रधानमंत्री बन सकते थे । उनके लोकप्रियता अद्भुत थी न केवल भारत में बल्कि पूरे दुनिया में । लकिन बापू को अपना फकरी जीवन प्यारा था ।  इतिहास में आज वो अमर है ! आज बड़े दुःख की बात है आज इस देश के ही कुछ लोग बापू को गालियाँ देते है उनके लिए अपसब्द बोलते है । में दावे के स...